Monday, March 06, 2006

क्लेश दूर करने हेतु मन्त्र


1-पुत्र प्राप्ति हेतु मन्त्र-
देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते !
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत: !!
अर्थ- हे देवकीपुत्र! हे गाविन्द! हे वासुदेव!
हे जगदीश्‍वर! हे श्री कृष्ण! मैं तुम्हारी शरण में
आया हूँ! मुझे पुत्र प्रदान कीजिये।

2-कन्या के शीघ्र विवाह हेतु मन्त्र-
हे गौरी शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया ।
तथा मां कुरु कल्याणि कान्तकान्तां सुदुर्लभाम् ॥

3-क्लेश दूर करने हेतु मन्त्र-
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने ।
प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:

4-बुद्धि प्रखर करने हेतु सरस्वती मन्त्र-
यह श्लोक बहुत सुंदर है। यह माँ सरस्वती की स्तुति है, जिसमें उनसे बुद्धि, यश और काव्य-शक्ति (कविता लिखने की क्षमता) की प्रार्थना की गई है, साथ ही मूढ़ता (अज्ञानता या मूर्खता) को दूर करने और शरण में आए भक्त की रक्षा करने का निवेदन है ।
बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे।
मूढत्वं हर मे देवि त्राहि मां शरणागतम्॥

अर्थ (हिंदी में):
  • बुद्धिं देहि: मुझे बुद्धि दो।
  • यशो देहि: मुझे यश (ख्याति/प्रसिद्धि) दो।
  • कवित्वं देहि देहि मे: मुझे कवित्व शक्ति (कविता लिखने की प्रतिभा) दो।
  • मूढत्वं हर मे देवि: हे देवी (सरस्वती माँ), मेरी मूढ़ता (मूर्खता/अज्ञानता) को हर लो (दूर करो)।
  • त्राहि मां शरणागतम्: मैं आपकी शरण में आया हूँ, मेरी रक्षा करो।
यह श्लोक विद्या और कला की देवी, माँ सरस्वती को समर्पित है। 
और मन्त्रों के लिए सर्म्पक करे-
azadswamiji@gmail.com 

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